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The reason behind the enmity between the owl and the crow. Owl and Crow Story in Hindi

10 Dec 2024 Updated 26 Apr 2026 167 Views

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भाषा‑सरल संस्करण (कहानी)

प्राचीन काल की बात है, एक जंगल में कई सारे पक्षी रहते थे। उनका राजा एक हंस था, जो ज़्यादा समय भगवान की माला फेरने में लगाता था और राज्य‑कार्यों में ज़्यादा ध्यान नहीं देता।moralafsana+1

इससे जंगल में गड़बड़ी होने लगी, तो सभी पक्षियों ने सोचा कि हमें एक नया राजा चुनना चाहिए। सबकी मंज़ूरी से उल्लू को राजा बनाने का निश्चय हुआ। राज्याभिषेक के लिए सभी तैयारियाँ हो गईं, पवित्र नदियों का जल लाया गया, मंत्र उच्चारित होने वाले थे।

तभी वहाँ एक कौवा आ गया। उसे लगा कि कोई बड़ी बात हो रही है। जैसे ही उसे पता चला कि उल्लू को राजा बनाने जा रहे हैं, वह हंस पड़ा और बोला –
“रंग‑बिरंगे, खूबसूरत और दिमागी पक्षियों के बीच, टेढ़ी नाक वाले, दिन में धुंधला देखने वाले, चुपचाप रहने वाले उल्लू को राजा बनाना सही नहीं है। एक राजा में दया, धैर्य और दूसरों की बात सुनने की शक्ति होनी चाहिए, उल्लू में वह गुण नहीं हैं।”

सब पक्षियों ने कौवे की बात सोच‑समझकर सच मान ली और उल्लू का राज्याभिषेक रोक दिया। सभी अपने‑अपने बाट चले गए, बस वहाँ सिर्फ़ कौवा और उल्लू रह गए।

उल्लू कौवे पर बहुत क्रोधित हुआ। उसने कौवे की ओर देखकर कहा –
“तेरे बात के कारण आज मैं राजा नहीं बन सका। अब से तू और तेरी पूरी पौड़ी मेरे दुश्मन हैं। तेरा और मेरा वंश हमेशा‑हमेशा के लिए बैर में रहेगा।”

इसी वजह से कहानियों में कहा जाता है कि तब से कौवे और उल्लू परस्पर दुश्मनी रखते हैं।


नैतिक‑बिंदु (शिक्षा)

बिंदुअर्थ
बिंदुअर्थ
बिना ज़रूरत के हस्तक्षेप खतरनाक हो सकता हैचाहे बात सच ही क्यों न हो, बिना बुलाए दूसरों के निर्णय में डालने से दुश्मनी और गुस्सा पैदा हो सकता है।
सच बोलना भी समय और तरीके से करना चाहिएकौवे की बात सही थी, लेकिन उसने उल्लू के सामने खुलकर उसकी खामियाँ बताकर उसे ठुकराने का मौका दे दिया, जिससे बैर बढ़ा।
नेता या राजा धैर्यवान होना चाहिएजो राजा या नेता आलोचना सह नहीं पाता और फौरन बदला लेने की धमकी देता है, वह वास्तव में अच्छा नेता नहीं माना जाता।

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