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Post Date: 2024-12-18 20:33:39 | Last Updated: 2026-04-23 14:05:15
Category: Sarkari Anjaam | Subcategory: Hindi
जैसी करनी, वैसी भरनी: कर्म का फल कभी नहीं भूलता
कहावत का मतलब: हम जो बोएंगे, वही काटेंगे। अच्छे कर्म अच्छा फल देते हैं, बुरे कर्म बुरा।
एक छोटी सी कहानी
एक गांव में मोहन नाम का लालची किसान रहता था। वह धोखेबाज था - पड़ोसियों को ठगता, झूठ बोलता। एक दिन उसने पड़ोसी रामू की उपजाऊ जमीन हड़प ली। रामू बेचारा बर्बाद हो गया, लेकिन मोहन ने हंसकर कहा, "दुनिया यही है!"
कुछ महीनों बाद, मोहन को नदी किनारे नई जमीन मिली। उसने मेहनत की, फसल लहलहाई। लेकिन एक रात तूफान आया। बिजली चमकी, आग लगी! सारी फसल राख हो गई। मोहन बर्बाद! रोते हुए उसे याद आया रामू का दर्द।
सीख: बुरे कर्म चुपके से पीछा करते हैं। सच्चाई और नेकी चुनो, जीवन फूलों से भर जाएगा। आज से अच्छे काम शुरू करो!